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TMC के फर्जी आंसू, पाखंडी चरित्र और करनी का फल

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30 मई 2026 को सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर जनता का जमा हुआ गुस्सा फट पड़ा। अंडे, पत्थर, जूते बरसाए गए, शर्ट फाड़ी गई, चश्मा चूर-चूर कर दिया गया, धक्के दिए गए और गिराकर कुचला गया। अस्पताल पहुंचाने का नाटक तक ममताबनर्जी को करना पड़ा। अब पूरा TMC गिरोह ममता बनर्जी से लेकर अभिषेक, उनके चमचे मीडिया और अंधे समर्थक छाती पीट-पीटकर, रो-रोकर नाटक कर रहे हैं, हिंसा निंदनीय है, BJP की साजिश, लोकतंत्र खतरे में। अरे ओये! अचानक लोकतंत्र की दुहाई देने वाले TMC वाले? कितना घटिया, कितना घिनौना पाखंड है तुम्हारा!

2021 का खूनी तांडव जिसे TMC ने खुले मुँह जस्टिफाई किया ,याद है 2021 का वो नरक? TMC के गुंडों ने जो जंगली कहर ढाया था

300 से ज्यादा BJP कार्यकर्ता को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया

NHRC रिपोर्ट में सैकड़ो हत्याएं , 12 बलात्कार और यौन हिंसा, 391 गंभीर हमले, 940 घर जलाए-तोड़फोड़ और 562 धमकियां,( ये reported data है unreported data का कोई अंत नही)

हजारों बंगाली परिवार, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग घर छोड़कर भागने को मजबूर। उस समय TMC, ममता, अभिषेक और उनका पूरा “सेकुलर” इकोसिस्टम चुप्पी साधे बैठा था। बल्कि खुले मुँह बोला जाता था BJP वाले सजा पा रहे हैं , “प्राकृतिक प्रतिक्रिया, वे खुद लड़ रहे थे। आज अभिषेक की शर्ट फट गई तो ये रोने-धोने का सर्कस लगा रहे हैं। कितने बेगैरत, कितने ढिठाई के साथ भाजपा पर झूठा आरोप लगा रहे हो !

अभिषेक की खूंखार धमकी ये वही अभिषेक बनर्जी हैं जिन्होंने खुल्लमखुल्ला धमकी (2021) दी थी,4 मई को 12 बजे के बाद किसी का बाप बचाने नहीं आएगा। उस धमकी के बाद TMC के गुंडे जंगली दरिंदों की तरह टूट पड़े थे। आज जब वही जनता का आक्रोश उनके सिर पर गिरा है, तो इनकी लंगोटी गीली हो गई है।

TMC के शिकारों का अनथक दर्द और बदला TMC शासन के 15 सालों में जिन बंगाली हिंदुओं का खून बहाया गया, जिनकी बेटियों-बहनों के साथ बलात्कार हुआ, जिनके घर-बार जलाए गए उनका दर्द अथाह है। मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के तहत बंगाली हिंदुओं को दूसरे दर्जे का इंसान बना दिया गया। अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को बंगाल की जमीन, नौकरियां, राशन और हक छीनकर थमा दिए गए।

ये TMC से पीड़ित लोग अब चुप रहने वाले नहीं हैं। राजनीतिक बदला तो उन्होंने ले ही लिया,2026 में BJP को 294 में से 207 सीटें देकर TMC को बुरी तरह कुचल दिया, TMC सिमटकर मात्र 80 पर रह गई। लेकिन उनका दर्द इतना गहरा और अनथक है कि व्यक्तिगत बदला भी लेंगे। TMC वालों का ये रोना-धोना, छाती पीटना उनके सामने महज सस्ता नौटंकी और फर्जी ड्रामा है। सालों की लूट, अपमान, खून और आंसुओं का हिसाब अब चुकता होना ही है।

TMC समर्थकों, तुम्हारी पोल खुल चुकी है! TMC के चमचों, मीडिया के किराएदारों और बंगाल के अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने वाले बलात्कारियों- लुटेरों- डकैतों-हत्यारों जब आम BJP कार्यकर्ता, महिलाएं और बच्चे मारे जा रहे थे, तब तुम चुप थे। आज तुम्हारे एक नेता की शर्ट फट गई तो पूरा तमाशा मचा रखा है। क्या आम आदमी हाड़-मांस का इंसान नहीं? या सिर्फ TMC के नेता ही इंसान हैं? तुम्हारा पूरा इकोसिस्टम फर्जी, पाखंडी, हिंसा-प्रेमी और डरपोक है। जब सत्ता तुम्हारे हाथ में थी, तब हिंसा को जनता का गुस्सा कहकर सराहते थे। आज वही गुस्सा तुम्हारे गले पड़ा तो BJP की साजिश। शर्म करो, बेशर्म बनो मत!

सच्चाई के आग का आइना जो अभिषेक के साथ हुआ, वो आधा गलत है। लेकिन जो तुमने 2021 में और 15 साल के तानाशाही राज में आम बंगालियों के साथ किया, वो हजार गुना ज्यादा जघन्य, निंदनीय और पापपूर्ण था। अब अपनी करनी का कड़वा फल भुगतो।

TMC के नेताओं और समर्थकों, यह जनता का सालों का जमा हुआ आग का आक्रोश है। तुमने हिंसा, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की ज़हर बोई थी आज उसी की कटु फसल काट रहे हो। दोहरे मापदंड, झूठ और गुंडागर्दी की राजनीति का अंत हो चुका है।

बंगाल की जनता जाग चुकी है। TMC की झूठी पीड़ा, crocodile आंसू और पाखंडी चेहरा अब किसी को नहीं भाता। सच्चा पोरिबर्तन यही है TMC जैसी हिंसक, भ्रष्ट, तुष्टिकरणपरस्त और पाखंडी ताकत से बंगाल को पूरी तरह मुक्ति।

हिंसा गलत है, लेकिन TMC को अपना खूनी रिकॉर्ड याद रखना चाहिए। अब रोने-धोने, चिल्लाने से कुछ नहीं होगा। समय आ गया है हिसाब चुकाने का।

G.D.PANDA

G.D. Panda is the Founder & Editor-in-Chief of GDP News (www.gdpnews.in), which he leads and manages with a clear focus on credible journalism and insightful news analysis. With 20+ years of experience in media, journalism, and ground reporting, he brings strong expertise in Finance, Economics, Current Political Affairs, and contemporary issues. Known for his sharp analytical perspective, extensive field experience, and commitment to responsible journalism, he has established himself as a credible and well-informed media personality, while also actively contributing to society as a dedicated social worker.

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