प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन किया, भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने का संकल्प दोहराया
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के पांचवें संस्करण को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर पारितंत्र तेजी से विस्तारित हो रहा है और यह नवाचार, निवेश तथा विकास के नए अवसर खोल रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और दुनिया का भारत पर भरोसा भी बढ़ रहा है।” उन्होंने हाल ही में जापानी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा भारत की संप्रभु रेटिंग में किए गए उन्नयन का उल्लेख करते हुए इसे देश की बढ़ती आर्थिक विश्वसनीयता का प्रमाण बताया।
सेमीकॉन इंडिया के आरंभ और विश्वकर्मा दिवस के बीच समानता बताते हुए प्रधानमंत्री ने देश की सदियों पुरानी निर्माण और सृजन की विरासत को नमन किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक सृजनात्मक शक्ति और 21वीं सदी की प्रौद्योगिकी का संगम ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की प्रेरणा है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति
प्रधानमंत्री ने 2022 में सेमीकॉन इंडिया शुरू होने के बाद से हुई प्रगति का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि नीतिगत विमर्श से शुरू होकर परियोजना नियोजन, पायलट लाइन और अब वाणिज्यिक उत्पादन तक का सफर तय किया जा चुका है। मोहाली और सूरत के दो नए संयंत्रों में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो चुका है और भारत में बने चिप्स अब देश व दुनिया के ग्राहकों तक पहुंचने लगे हैं।
श्री मोदी ने 13.5 अरब डॉलर के सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण की घोषणा की और नए नियामक सुधारों का जिक्र किया, जो अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, स्टार्टअप्स और डिजाइन फर्मों के बीच सहयोग को आसान बनाएंगे। उन्होंने कहा, “भारत सरकार सेमीकंडक्टर परियोजनाओं की सफलता के लिए हर आवश्यक कदम उठा रही है।”
युवा प्रतिभाओं और अनुसंधान पर जोर
प्रधानमंत्री ने भारत में अनुसंधानरत युवा प्रतिभाओं को आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने विदेशों में शोध कर रहे युवाओं से भी अपील की कि वे भारत में उन्नत प्रौद्योगिकियों के विकास में शामिल हों। औद्योगिक नेताओं से उन्होंने देश में अनुसंधान एवं विकास बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि यह पारस्परिक रूप से लाभकारी होगा, उद्योग को गति देगा और युवाओं को सशक्त बनाएगा।
उन्होंने बताया कि सरकार एक लाख इंजीनियरिंग छात्रों को सेमीकंडक्टर डिजाइन का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसमें से 70 हजार छात्र पहले ही प्रशिक्षित हो चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “विपुल प्रतिभा भंडार सेमीकंडक्टर कंपनियों के लिए सोने की खान से कम नहीं है।”
ऊर्जा सुरक्षा और भविष्य की तैयारी
एआई और उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग की बढ़ती बिजली जरूरतों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सौर ऊर्जा क्षमता को 160 गीगावाट से अधिक बढ़ा चुका है। निजी क्षेत्र के लिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र खोला गया है और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों का विकास भी हो रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत सेमीकंडक्टर उद्योग का पसंदीदा गंतव्य बनने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।
कार्यक्रम के समापन पर प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की जननी भारत में सफल सेमीकंडक्टर उद्योग वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा। उन्होंने प्रतिनिधियों से कहा, “भारत की आकांक्षाएं आपके सामने हैं और यहां सृजित हो रहे नए अवसर आपका स्वागत करने के लिए तैयार हैं।”
(स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय)





