मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

अदन की खाड़ी में भारतीय नौसेना का बड़ा पराक्रम: INS त्रिकंद ने समुद्री लुटेरों की साजिश नाकाम कर व्यापारी जहाज को सुरक्षित बचाया

INS त्रिकंद ने अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती का प्रयास किया नाकाम, भारतीय नौसेना ने व्यापारी जहाज को सुरक्षित बचाया
---Advertisement---

नई दिल्ली, 3 जुलाई।

भारतीय नौसेना ने एक बार फिर हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी त्वरित कार्रवाई और समुद्री सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया। भारतीय नौसेना के अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस त्रिकंद ने सेंट विंसेंट और ग्रेनाडाइन्स के ध्वज वाले बल्क कैरियर ‘एमवी गोल्डन आर्सेनल’ पर हुए समुद्री लुटेरों के हमले की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए जहाज और उसके चालक दल को सुरक्षित बचा लिया।

यह घटना 1 जुलाई 2026 को उस समय हुई जब व्यापारी जहाज यमन के अदन क्षेत्र से होकर गुजर रहा था। जहाज ने जिबूती से लगभग 300 समुद्री मील पूर्व-उत्तर-पूर्व में समुद्री लुटेरों द्वारा हमले के प्रयास की सूचना इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर–इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) को दी। सूचना मिलते ही क्षेत्र में गश्त कर रहे भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद को तुरंत सहायता के लिए रवाना किया गया।

भारतीय नागरिक सहित सभी 21 चालक दल सुरक्षित

जहाज पर मौजूद चालक दल में एक भारतीय नागरिक सहित कुल 21 सदस्य सवार थे। हमले के दौरान जहाज के ब्रिज सुपरस्ट्रक्चर और आसपास के हिस्सों को कुछ नुकसान पहुंचा, जिसके बाद चालक दल ने सुरक्षा के लिए जहाज के सुरक्षित कक्ष ‘सिटाडेल’ में शरण ले ली। राहत की बात यह रही कि सभी चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित पाए गए।

भारतीय नौसेना ने किया जहाज का सुरक्षा निरीक्षण

2 जुलाई की सुबह आईएनएस त्रिकंद की विशेष बोर्डिंग टीम जहाज पर पहुंची और पूरे पोत की विस्तृत जांच की। गहन तलाशी के दौरान जहाज पर कोई समुद्री लुटेरा या संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। इसके बाद चालक दल सुरक्षित रूप से सिटाडेल से बाहर आया और भारतीय नौसेना के जवानों के साथ मिलकर जहाज की स्थिति तथा हुए नुकसान का आकलन किया।

पी-8आई विमान ने बढ़ाई निगरानी

अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भारतीय नौसेना ने अपने अत्याधुनिक पी-8आई समुद्री गश्ती विमान को भी क्षेत्र में तैनात किया। विमान ने हवाई निगरानी और टोही अभियान चलाकर पूरे समुद्री क्षेत्र पर नजर रखी तथा किसी भी संभावित खतरे की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सुरक्षित घोषित होने के बाद जहाज ने फिर शुरू की यात्रा

पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित होने और किसी भी तत्काल खतरे के समाप्त होने के बाद भारतीय नौसेना ने अपने समुद्री डकैती-रोधी अभियान को सफल घोषित किया। इसके बाद एमवी गोल्डन आर्सेनल ने अपनी निर्धारित समुद्री यात्रा दोबारा शुरू कर दी।

हिंद महासागर में सुरक्षा के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता

भारतीय नौसेना ने कहा कि वह हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा, समुद्री डकैती पर प्रभावी नियंत्रण और सभी देशों के व्यापारी जहाजों तथा नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सतर्क और प्रतिबद्ध है। भारत की यह सक्रिय भूमिका वैश्विक समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर क्षेत्र में कई सफल मानवीय एवं समुद्री सुरक्षा अभियानों के माध्यम से अपनी पेशेवर क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। अदन की खाड़ी में यह ताजा अभियान भी भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका का एक और उदाहरण है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Leave a Comment