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भारत-जापान संबंधों का नया स्वर्णिम अध्याय: पीएम मोदी और जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची ने AI, रक्षा, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा में ऐतिहासिक समझौतों पर बनाई सहमति

भारत-जापान शिखर सम्मेलन 2026: AI, रक्षा, निवेश और ग्रीन एनर्जी पर ऐतिहासिक समझौते
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03 july,New Delhi : भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने नई दिल्ली में आयोजित भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान कई ऐतिहासिक समझौतों और संयुक्त पहलों की घोषणा की। संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज के वैश्विक अनिश्चितताओं से भरे दौर में भारत और जापान के बीच आपसी विश्वास सबसे बड़ी रणनीतिक पूंजी है और यही दोनों देशों के संबंधों की सबसे मजबूत नींव है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री साने ताकाइची का भारत में स्वागत करते हुए कहा कि उनकी यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा दोनों देशों की स्पेशल स्ट्रेटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप के एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि जापान पिछले कई दशकों से भारत की विकास यात्रा का भरोसेमंद भागीदार रहा है और ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित अनेक क्षेत्रों में उसका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।

AI और तकनीक में नई वैश्विक साझेदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान भविष्य की तकनीकों में दुनिया का नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी उद्देश्य से दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर संयुक्त वक्तव्य जारी किया। भारतीय और जापानी संस्थानों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं, जिनसे जापान की प्रिसिजन टेक्नोलॉजी और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमता मिलकर वैश्विक AI विकास को नई गति देंगी।

रक्षा सहयोग में पहली संयुक्त परियोजना

दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में भी ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपने पहले को-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर सहमति बनाई। नेवल रेडियो एंटीना परियोजना भारत-जापान रक्षा तकनीकी सहयोग का नया अध्याय मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भविष्य में दोनों देश मिलकर ऐसी रक्षा तकनीकों का विकास करेंगे जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, समुद्री सुरक्षा और नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूत करेंगी।

स्वास्थ्य और बायोटेक क्षेत्र में सहयोग

फार्मा, मेडिकल डिवाइस और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हुए नए समझौतों के माध्यम से दोनों देश वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करेंगे। भारत की विशाल उत्पादन क्षमता और जापान की उच्च गुणवत्ता वाली तकनीक के संयोजन से दुनिया को सस्ती, विश्वसनीय और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

10 ट्रिलियन येन निवेश का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पिछले एक वर्ष में भारत और जापान के बीच 100 से अधिक नए व्यावसायिक समझौते हुए हैं, जिनके माध्यम से भारत में 10 अरब डॉलर से अधिक का जापानी निवेश आएगा। दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों में भारत में 10 ट्रिलियन येन के निवेश तथा भारत में कार्यरत जापानी कंपनियों की संख्या दोगुनी करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

उन्होंने कहा कि भारत में निरंतर हो रहे आर्थिक सुधारों और बेहतर व्यापारिक वातावरण का लाभ जापानी कंपनियां व्यापक रूप से उठा सकती हैं।

सेमीकंडक्टर और आर्थिक सुरक्षा पर संयुक्त रोडमैप

भारत और जापान ने आर्थिक सुरक्षा को साझा प्राथमिकता मानते हुए Economic Security Joint Roadmap तैयार किया है। इसके अंतर्गत सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैटेरियल्स और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं (Supply Chains) को अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

ग्रीन एनर्जी और बायोगैस में बड़ा सहयोग

ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों ने India-Japan Bio-Gas Initiative की शुरुआत की है, जिसके तहत भारत में एक हजार बायोगैस एवं ऑर्गेनिक फर्टिलाइज़र संयंत्र स्थापित करने में सहयोग मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक खेती, सतत विकास और किसानों की आय को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा बैटरी निर्माण, ग्रीन हाइड्रोजन, न्यूक्लियर एनर्जी और ऊर्जा लचीलापन (Energy Resilience) जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

नई पीढ़ी की मोबिलिटी और औद्योगिक सहयोग

दोनों देशों ने India-Japan Next Generation Mobility Partnership Framework भी तैयार किया है। इसके तहत ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मिली सफलता को अब शिपबिल्डिंग, एविएशन, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक परिवहन प्रणालियों तक विस्तारित किया जाएगा।

शिक्षा, स्टार्टअप और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान के संबंधों की सबसे बड़ी ताकत दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे संबंध हैं। दोनों सरकारें प्रतिभा आदान-प्रदान, कौशल विकास, तकनीकी इंटर्नशिप, उच्च शिक्षा, अनुसंधान और स्टार्टअप सहयोग को नई गति देंगी।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले वर्ष भारत और जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाएंगे, जिसके अंतर्गत संस्कृति, पर्यटन और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

विकसित भारत और समृद्ध जापान का साझा विजन

अपने संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। सांस्कृतिक मूल्यों से लेकर अत्याधुनिक तकनीक तक दोनों देशों की सोच और दृष्टिकोण में गहरी समानता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मजबूत आपसी भरोसे के आधार पर यह विशेष साझेदारी विकसित भारत और समृद्ध जापान के साझा विजन को साकार करने के साथ-साथ विश्व की शांति, स्थिरता और समृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

G.D.PANDA

G.D. Panda is the Founder & Editor-in-Chief of GDP News (www.gdpnews.in), which he leads and manages with a clear focus on credible journalism and insightful news analysis. With 20+ years of experience in media, journalism, and ground reporting, he brings strong expertise in Finance, Economics, Current Political Affairs, and contemporary issues. Known for his sharp analytical perspective, extensive field experience, and commitment to responsible journalism, he has established himself as a credible and well-informed media personality, while also actively contributing to society as a dedicated social worker.

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