मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आंध्र प्रदेश के मुसुनुरु में जारी किया स्वदेशी हाईब्रिड बीज, प्रौद्योगिकी, नवाचार और आत्मनिर्भरता से बदलेगा कृषि क्षेत्र

---Advertisement---

एलुरु (आंध्र प्रदेश), 25 अगस्त। भारत ने कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के मुसुनुरु में देश का पहला गैर-जीएमओ (Non-GMO) उच्च गुणवत्ता वाला पॉपकॉर्न मक्का हाईब्रिड बीज जारी किया। इसे भारतीय कृषि में स्वदेशी तकनीक, नवाचार और किसान-उद्यमी साझेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने आंध्र प्रदेश सहित आठ राज्यों के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों तथा गॉरमेट पॉपकॉर्निका से जुड़े साझेदारों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और कृषि ने भारत की सभ्यता, संस्कृति तथा अर्थव्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विदेशी हाईब्रिड तकनीक पर निर्भरता कम करने की दिशा में कदम

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत लंबे समय से उच्च गुणवत्ता वाले पॉपकॉर्न मक्के के लिए आयातित हाईब्रिड तकनीक पर निर्भर रहा है। ऐसे में देश में विकसित यह स्वदेशी हाईब्रिड बीज विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करने और विदेशी मुद्रा की बचत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक नए बीज के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ के कृषि मॉडल का उदाहरण है, जिसमें किसान, वैज्ञानिक और उद्यमी मिलकर स्थानीय संसाधनों एवं तकनीकी क्षमता को वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित कर रहे हैं।

17,500 से अधिक किसान और 40 हजार एकड़ भूमि जुड़ी

उपराष्ट्रपति ने किसान-उद्यम साझेदारी की सराहना करते हुए बताया कि आठ राज्यों के 17,500 से अधिक किसान लगभग 40,000 एकड़ भूमि पर खेती करते हुए गॉरमेट पॉपकॉर्निका के सफर से जुड़े हैं।

उन्होंने आंध्र प्रदेश के स्थानीय उद्यम से पॉपकॉर्न मक्का प्रसंस्करण के प्रमुख उद्यम के रूप में विकसित हुई गॉरमेट पॉपकॉर्निका की यात्रा की सराहना की। इससे बड़ी संख्या में किसान परिवारों को बाजार तक पहुंच और आय के नए अवसर प्राप्त हुए हैं।

क्या है GMO फसल?

GMO यानी Genetically Modified Organism ऐसी फसल या जीव है, जिसके आनुवंशिक पदार्थ (DNA) में वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से विशेष बदलाव किए जाते हैं। इसका उद्देश्य किसी फसल में खास गुण विकसित करना हो सकता है, जैसे कीट प्रतिरोध, रोग प्रतिरोध, किसी विशेष पोषक तत्व की मात्रा बढ़ाना या उत्पादन संबंधी गुणों में सुधार।

वहीं, Non-GMO फसल या बीज वह होता है जिसके आनुवंशिक पदार्थ में आधुनिक जेनेटिक इंजीनियरिंग के माध्यम से लक्षित आनुवंशिक संशोधन नहीं किया गया हो। हालांकि, हाईब्रिड और GMO एक ही चीज नहीं हैं। पारंपरिक या आधुनिक प्रजनन तकनीकों से तैयार हाईब्रिड बीज भी गैर-जीएमओ हो सकते हैं।

क्या GMO फसलों से नुकसान हो सकता है?

GMO फसलों के प्रभाव को लेकर दुनिया भर में वैज्ञानिक, पर्यावरणीय और नीतिगत स्तर पर बहस होती रही है। यह कहना सही नहीं होगा कि हर GMO फसल अपने आप हानिकारक होती है। किसी विशेष GMO फसल की सुरक्षा का आकलन उसके इस्तेमाल, उसमें किए गए आनुवंशिक बदलाव और नियामकीय परीक्षणों के आधार पर किया जाता है।

फिर भी GMO तकनीक से जुड़े कुछ संभावित जोखिम और चिंताएं चर्चा में रहती हैं। इनमें जैव विविधता पर संभावित प्रभाव, कुछ परिस्थितियों में कीटों या खरपतवारों में प्रतिरोध विकसित होने की संभावना, गैर-लक्षित जीवों पर प्रभाव तथा दीर्घकालिक पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन शामिल है। इसी कारण GMO फसलों के लिए वैज्ञानिक परीक्षण, जैव-सुरक्षा मूल्यांकन और नियामकीय निगरानी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

ऐसे में भारत में विकसित गैर-जीएमओ हाईब्रिड पॉपकॉर्न मक्का बीज किसानों को एक स्वदेशी विकल्प उपलब्ध कराने के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों के वैश्विक बाजार में भारत की क्षमता को मजबूत कर सकता है।

किसान-केंद्रित योजनाओं का किया उल्लेख

उपराष्ट्रपति ने केंद्र सरकार की किसान-केंद्रित योजनाओं की भी सराहना की। उन्होंने पीएम-किसान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन और नमो ड्रोन दीदी जैसी पहलों को कृषि क्षेत्र को मजबूत करने वाला बताया।

उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी पहलों की भी प्रशंसा की। इनमें रायथु बाजार, बागवानी एवं प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने तथा किसान-केंद्रित सहायता प्रणाली जैसी पहल शामिल हैं।

स्थानीय प्रयोग से वैश्विक बाजार तक का लक्ष्य

उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसानों की मेहनत, वैज्ञानिकों की तकनीकी क्षमता और उद्यमियों की बाजार समझ के मेल से ही विकसित भारत के कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने मुसुनुरु की पहल को इसका उदाहरण बताते हुए कहा कि नवाचार, उद्यमशीलता और किसान साझेदारी मिलकर भारत को अधिक आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कृषि शक्ति बना सकती है।

उन्होंने गॉरमेट पॉपकॉर्निका फैक्ट्री और कोल्ड स्टोरेज का भी दौरा किया तथा मक्का प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और भंडारण की प्रक्रिया की जानकारी ली।

कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मंत्री नारा लोकेश, किंजरापु अचन्नाइडु और कोलुसु पार्थसारथी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं गॉरमेट पॉपकॉर्निका के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आत्मनिर्भर कृषि की ओर एक नई शुरुआत

भारत में विकसित पहला गैर-जीएमओ उच्च गुणवत्ता वाला पॉपकॉर्न मक्का हाईब्रिड बीज इस बात का उदाहरण है कि किस तरह स्वदेशी अनुसंधान, किसानों की भागीदारी और निजी उद्यम मिलकर कृषि क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर सकते हैं। आंध्र प्रदेश के मुसुनुरु से शुरू हुई यह पहल यदि बड़े पैमाने पर सफल होती है, तो भारत के लिए उच्च गुणवत्ता वाले पॉपकॉर्न मक्का के उत्पादन और वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का रास्ता खोल सकती है।

“छोटी शुरुआत बड़े दृष्टिकोण और बड़े सपने की ओर ले जाने वाली होनी चाहिए” उपराष्ट्रपति का यह संदेश कृषि में नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ते भारत की नई सोच को रेखांकित करता है।

G.D.PANDA

G.D. Panda is the Founder & Editor-in-Chief of GDP News (www.gdpnews.in), which he leads and manages with a clear focus on credible journalism and insightful news analysis. With 20+ years of experience in media, journalism, and ground reporting, he brings strong expertise in Finance, Economics, Current Political Affairs, and contemporary issues. Known for his sharp analytical perspective, extensive field experience, and commitment to responsible journalism, he has established himself as a credible and well-informed media personality, while also actively contributing to society as a dedicated social worker.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment