लखनऊ, 25 अगस्त। भारत के लोकतंत्र को मजबूत बनाने में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि “दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का भविष्य विद्यार्थी हैं।” उन्होंने कहा कि युवाओं में निर्वाचन संबंधी जागरूकता बढ़ाना केवल चुनाव तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण निवेश है।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की ओर से सोमवार को लखनऊ में ‘निर्वाचन संबंधी साक्षरता क्लब (ELC 2.0) और ECINET’ विषय पर दूसरे क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों और युवा नागरिकों को चुनावी प्रक्रिया, मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की जानकारी देना है।
विद्यार्थियों को चुनावी प्रक्रिया की जानकारी जरूरी
उत्तर प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों से आए विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निर्वाचन संबंधी साक्षरता क्लब लोकतंत्र को समझने और चुनावी प्रक्रिया के प्रति विश्वास बढ़ाने का प्रभावी माध्यम हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को मतदाता पंजीकरण, मतदान, मतगणना तथा भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका और कार्यप्रणाली से परिचित कराने पर जोर दिया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि देश में चुनाव भारत के संविधान, कानूनों और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कराए जाते हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों तथा उनके प्रतिनिधियों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।
‘लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें’ है ELC 2.0 का उद्देश्य
‘लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें’ टैगलाइन के साथ शुरू किए गए ELC 2.0 का उद्देश्य युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों को लोकतंत्र को समझने के साथ-साथ इसमें सक्रिय और सार्थक भागीदारी के लिए प्रेरित करना है।
ELC 2.0 के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में निर्वाचन संबंधी साक्षरता क्लबों को अधिक संरचित, प्रभावी, डिजिटल और आसानी से दिखाई देने वाले प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इन क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों को चुनाव प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ उनके परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय समुदायों तक भी चुनावी जागरूकता पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
ECINET से एक क्लिक पर चुनाव संबंधी सेवाएं
ELC 2.0 को भारत निर्वाचन आयोग के व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINET से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य मतदाता सूची से लेकर मतदान तक उपलब्ध विभिन्न चुनाव संबंधी सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुलभ बनाना है।
ECINET पर समर्पित ELC पोर्टल के जरिए देशभर के निर्वाचन साक्षरता क्लबों का एक व्यवस्थित नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों और युवा मतदाताओं को चुनाव से जुड़ी विश्वसनीय एवं आधिकारिक जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
देश के विशाल शैक्षणिक नेटवर्क से जुड़ेगा अभियान
भारत के विशाल शैक्षणिक तंत्र को देखते हुए ELC 2.0 की पहुंच काफी व्यापक हो सकती है। देश में लगभग 15 लाख स्कूल, करीब 25 करोड़ विद्यार्थी और एक करोड़ से अधिक शिक्षक हैं।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी लगभग 1,500 विश्वविद्यालय और करीब 70,000 शिक्षण संस्थान हैं, जिनमें लगभग 4.33 करोड़ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
भारत के इस विशाल शैक्षणिक नेटवर्क के माध्यम से ELC 2.0 का लक्ष्य युवाओं तक चुनावी शिक्षा और लोकतांत्रिक जागरूकता को व्यापक स्तर पर पहुंचाना है।
युवाओं को ‘लोकतांत्रिक भागीदारी का दूत’ बनाने की पहल
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास और उनकी सूचित भागीदारी लोकतंत्र के भविष्य में निवेश है।
ELC 2.0 के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल मतदान के लिए प्रेरित करने के बजाय उन्हें चुनाव प्रक्रिया को समझने, सही जानकारी प्राप्त करने और अपने परिवार तथा समुदाय में जागरूकता फैलाने के लिए तैयार किया जाएगा।
क्लबों में मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना जैसे चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा ECINET ऐप और भारत निर्वाचन आयोग की अन्य प्रमुख पहलों के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
अपने पुराने कॉलेज पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त
सम्मेलन से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने पूर्व शैक्षणिक संस्थान कोल्विन तालुकदार्स कॉलेज का दौरा किया। उन्होंने वहां शिक्षकों और विद्यार्थियों से संवाद किया और अपने अनुभव साझा किए।
वहीं, 25 अगस्त को अपने उत्तर प्रदेश दौरे के दूसरे दिन मुख्य चुनाव आयुक्त राज्य के बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के साथ भी संवाद करेंगे।
लोकतंत्र की मजबूत नींव तैयार करने की पहल
ELC 2.0 को युवा पीढ़ी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। यदि विद्यार्थी चुनाव प्रक्रिया, मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों को सही तरीके से समझेंगे, तो वे भविष्य में न केवल जागरूक मतदाता बनेंगे, बल्कि अपने परिवार और समाज में भी लोकतांत्रिक जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
भारत के लोकतंत्र का भविष्य जागरूक, जिम्मेदार और सूचित युवा मतदाताओं पर निर्भर है और ELC 2.0 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





